स्पेक्ट्रम न्यूज : खट्टा-मीठा सूखा मेवा किशमिश अंगूर को सुखाकर तैयार किया जाता है। इसमें अंगूर के सभी गुण मौजूद होते हैं। दूध के सभी तत्व इसमें पाए जाते हैं। यह दूध की तुलना में जल्दी हजम होती है। इसके लगातार सेवन से शरीर में रस, रक्त, शुक्र आदि धातुओं तथा ओज की मात्रा बढ़ती है। बुढ़ापे में किशमिश का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। यह उम्र बढ़ाने में सहायक होता है। कई रोगों में इसे औषधि की तरह प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे ही कुछ औषधिय प्रयोगों के बारे में हम आपको बताते हैं:

-आंखों की रोशनी बढ़ाने, नाखूनों की बीमारी होने पर, सफेद दाग, महिलाओं में गर्भाशय की समस्या में अंगूर लाभदायक होते हैं। इन समस्याओं में किशमिश को दूध में पकाकर थोड़ा घी व मिश्री मिलाकर पीने से फायदा होता है। 12 किशमिश, पांच छुहारा, छह फूल मखाना दूध में डालकर खीर बनाकर खाने से शरीर बलवान होता है। लो ब्लडप्रेशर होने पर नमक वाले किशमिश खाने चाहिएं।

- एक किशमिश का बीज निकालकर उसमें लहसुन की एक कली रखकर खाने से उच्च रक्तचाप में आराम मिलता है। प्रतिदिन सोने से एक घंटा पहले दूध में उबाली गई 11 किशमिशचबा-चबाकर खाएं और दूध को भी पी लें। इससे कब्ज से राहत मिलती है।

- रात में लगभग 10 या 12 किशमिश को पानी में भिगो दें। सुबह उठकर इसके बीजों को अलग कर दें और किशमिश को अच्छी तरह से चबाकर खाएं। इससे शरीर में खून बढ़ता है। भूख न लगने पर बीज निकालने के बाद बराबर मात्रा में किशमिश को हरड़ और चीनी के साथ पीसकर चटनी बना लें। फिर इसे पांच ग्राम की मात्रा में, थोड़ा शहद मिला कर खाएं। रोजाना किशमिश का दूध उबालकर उसमें घी व मिश्री डालकर पीने से वजन बढ़ता है।

- जिनके गले में निरंतर खराश रहती है या नजला एलर्जी के कारण गले में तकलीफ बनी रहती है, सुबह-शाम दोनों वक्त चार- पांच मुनक्का को बीज सहित खूब चबाकर खा लें, लेकिन ऊपर से पानी ना पिएँ। दस दिनों तक निरंतर ऐसा करें। दस मुनक्का एक अंजीर के साथ सुबह पानी में भिगोकर रख दें।रात में सोने से पहले मुनक्का और अंजीर को दूध के साथ उबालकर इसका सेवन करें। ऐसा तीन दिन करें। कितना भी पुराना बुखार हो, ठीक हो जाएगा।